कुंडली में राजयोग कारक ग्रहों की स्थिति जानें


कुडंली में राजयोग के कारक
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, 
1-    जब तीन या तीन से अधिक ग्रह अपनी उच्च राशि या स्वराशि में होते हुए केन्द्र में स्थित हों।
2-    जब कोई ग्रह नीच राशि में स्थित होकर वक्री और शुभ स्थान में स्थित हो।
3-    तीन या चार ग्रहों को दिग्बल प्राप्त हो।
4-    चन्द्र केन्द्र में स्थित हो और गुरु की उस पर दृष्टि हो।
5-    नवमेश व दशमेश का राशि परिवर्तन हो।
6-    नवमेश नवम में व दशमेश दशम में हो।
7-    नवमेश व दशमेश नवम में या दशम में हो।

Comments

Popular posts from this blog

स्वर्ण प्रभा

प्रिये एक कविता जो केवल मेरी कल्पना है

गुरू के चरणों में प्रेम के लिये पढें नित्य गुर्वाष्टकम्