Posts

Showing posts from October, 2020

ग़ज़ल इशारों में कह कर बता दीजिएगा

Image
गजल ------- इशारों में कह कर बता दीजिएगा यही एक मुझको सज़ा दीजिएगा अगर चाहते हैं मुझे आप दिल से नइ  कोइ तोहमत लगा दीजिएगा जो वह पूछते आये गा नाम मेरा पता मेरा उसको बता दीजिएगा मैं अब सो रहा हूं ग़मों के वतन में कभी आके मुझको जगा दीजिएगा मैं समझूं ये जिंदा है मेरी मुहब्बत गले आप मुझको लगा लीजिएगा आलोक रंजन इंदौरी

जमाना एक दरिंदा है

Image
ग़ज़ल जमाना एक दरिंदा है गरीबों को सताता है कोई आंसू छुपाता है कोई आंसू बहाता है नहीं कोई किसी का है यहां पर सब पराए हैं सभी झूठे यहां रिश्ते भले कोई जताता है नहीं है खौफ कोई भी यहां मनमानियां होती कोई कानून का डर भी नहीं उनको डराता है यहां मजबूरियां देखो बहुत छाई उदासी है कोरोना काल बन करके किसी को छीन  जाता है सितम इतना कि अब बर्दाश्त के बाहर हुआ जाता न रोजी रोटी है जिंदा न कोई काम आता है आलोक रंजन इंदौरी