बंशीवाला

बंशीवाला
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रोजी रोटी की खातिर कुछ करना होगा
बंशी लेकर जगह जगह अब चलना होगा
चढती धूप पसीने से तर बदन फिरे वह
मेहनत की अग्नी में इसको जलना होगा
यह बांसुरी सुरों में मोहन नाम पुकारे
होकर सजग कर्म पथ पर कदमों को डारे
होकर निर्भय भ्रमण करे नित चार पहर तक
क्योकि बीबी बच्चे हैं बस इसको प्यारे
पोषण करने की खातिर ये घूम रहा है
सच्चाइ से इसका चेहरा झूम रहा है
लेकर प्रभु का नाम कर्मयोगी सा रामू
होठों से बंशी को अपने चूम रहा है
हे प्रभु ऐसे पथ पर चलने वालों को
ऐसे मेहनत कस सच्चें परिवारों को
अपनी कृपा दृष्टि से बंचित मत करना
इनकी झोली खुशियों से तुम भर देना
आलोक त्रिपाठी इन्दौर 9425069983

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