घिर गइ दुनियां, मुसीबत जाल में

लाचारी
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घिर गइ दुनियां मुसीबत  जाल में
सबकी बुद्धी फेल है इस हाल में
इटली और स्पेन अमेरिका
फ्रांस और लंदन भी चीखा
सबकी यही पुकार पड़ी है
कोरोना बन मौत खड़ी है
दो हजार उन्नीस सदी इस साल में
सबकी बुद्धी,,,,,,,,
बड़े बड़े वैग्यानिक हारे
औषधियों के पड़ गये लाले
कोइ नही उपचार है
हर मानव लाचार है
समा रहे है सभी काल के गाल में
सबकी बुद्धी,,,,,,,,,
घर में कैद सभी हैं अपने
मिलना जुलना हो गये सपने
वेबस जीवन काट रहे हैं
फोन पे दुखड़ा बांट रहे हैं
रक्षा करो,प्रभू आकर जंजाल में
सबकी बुद्धी,,,,,,,,,
आलोकजी शास्त्री इन्दौर 9425069983

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