जानिये किस उम्र में शनी लाभदायक होता है आपके लिये
जानिये किस उम्र में शनी लाभदायक होता है आपके जीवन में
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शनि सूर्य का पुत्र है। इसकी माता छाया एवं मित्र राहु-बुध हैं। शनि के दोष को राहु और बुध दूर करते हैं। शनि दंडाधिकारी भी है। यही कारण है कि यह साढ़ेसाती के विभिन्न चरणों में व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देकर उसकी उन्नति व समृद्धि प्रदान करते हैं। किसान, मजदूर एवं न्याय विभाग पर भी शनि का विशेष असर रहता है। जब गोचर में शनि बलवान होता है तो इससे संबंधित लोग उन्नति करते हैं।
शनि कुंडली के भाव 3, 6,10, या 11 में शुभ प्रभाव प्रदान करता है। प्रथम, द्वितीय, पंचम या सप्तम भाव में हो तो अशुभ होता है। चतुर्थ, अष्टम या द्वादश भाव में होने पर ज्यादा अशुभ होता है। यदि व्यक्ति का जन्म शुक्ल पक्ष की रात में हुआ हो और उस समय शनि वक्री हो तो शनिभाव बलवान होने के कारण शुभ फल प्रदान करता है। शनि सूर्य के साथ 15 अंश से कम रहने पर अधिक बलवान होता है। व्यक्ति की 36 एवं 42 वर्ष की उम्र में शनि अति बलवान होकर शुभ फल प्रदान करता है। इस अवधि में शनि की महादशा एवं अंतर्दशा लाभदायक होती है।
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