पथिक एक अन्तर यात्रा जो मानव को परम तत्व तक पहुचा देती है

पथिक
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पथ कोइ चुन लो जीवन में
अपने सुख की खातिर
नौका लेकर वही पहुचती
देर सबेर तो पहुचोगे
मन में धैर्य धारणा का
कुछ ऐसा परिणाम होगा
जन्मों की यात्रा का सत्पथ
पर चलकर हि विश्राम होगा
पथिक सोच में मत पड़ना
मंजिल दूर दिखाइ देती है
गहरी खाइ टूटे रस्ते
सांय सांय आवाजें तुझे डरायेगी
पर साहस खोना नही तुम्हारा काम
बाधायें तो स्वयं तुम्हें समझायेगी
तुम परम ध्वेय लेकर आये हो
अद्भुत क्षमता है तुममें
यही उपासना की पद्धति तुझे
उस परम तक पहुंचायेगी
राही पहुच सकोगे उस तक
जो तेरा पोषक है
वर्तमान में जो कुछ तुम ये देख रहे हो
ये केवल शोषक है ये तो केवल शोषक है

आलोकजी शास्त्री इन्दौर 9425069983

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