जश्ने आजादी

मेरा भारत महान
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आजादी मनायें हम इस गुलशन बहार का
जो हो गये शहीद सपूतों के प्यार का
आजादी,,,, 
रण बाँकुरे हँसके जो निछावर किये थे प्रान
आजादी की खातिर हि दे दिये थे अपनी जान
उन बीर भगत खुदीराम के निशार का
आजादी मनायें,,,,,,,
नेता सुभाष की लड़ी सेना वो याद है
शेखरजी  की वो पार तड़ी देती दाद है
बलिदान हो गये उन आजादी सवार का
आजादी,,,,, 
धरती थी खून से पटी आजाद पहरेदारों से
अँग्रेजों की शक्ती घटी तूफाँ के लड़ने वालों से
माहौल देश प्रेम का बना वो गजब था
सर पे कफन लिये थे वो जूनून अजब था
गाँधी के अहिंशा भरे भाषण पुकार का
आजादी,,,,
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आलोक रंजन शास्त्री इन्दौर 9425069983

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