पधारे मेरे राम
पधारे मेरे राम
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आंखों में भर आये आंसू खुशियों से छाया तन मन ।
आज राम की प्यारी नगरी सजी हुइ देखो इस क्षन।।
कितनी हुइ प्रतिक्षा इसकी कितनें दुर्गम पल आये
भक्तों का बलिदान हुआ था हर आंखों में जल आये
संयम धैर्य और करुणा का हमनें साथ न छोड़ा था
मंदिर बनने की प्रक्रिया में सोचो कितना रोड़ा था
न्याय हमें मिल गया अंत में टूट अदालत का बंधन
आंखों में,,,,,,,,
राम हमारे मन में बसते इसको कौन नकारेगा
भारत का हर जन मस्ती में राम नाम दुहरायेगा ।।
आज सनातन धर्म देश दुनियां में संदेशा देगा
मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि दुनियां को दिखला देगा।।
होगे अचल प्रतिष्ठित प्रभु अब विश्व कर सकेगा दर्शन
आंखों, में आंसू,,,,,,,,
राजनीति की गंदी चालें धर्म प्रदूषित करती हैं
वोटों की खातिर दुष्टों को सदा विभूषित करती हैं
धर्म भेद करके लोगों को सदा बांटते आये हैं
ऐसे नेताओं ने अपने कर्मों का फल पाये हैं
राजनीति की दुहरी चालें चल न सकेगी अब रंजन
आंखो में,,,,,,,,,,
धन्य लोग हैं संकल्पों को पूर्ण आज कर पाये हैं
धन्य धरा कोशलपुर नगरीआज राम हरषायें हैं
संतों की भक्ती से सारा नगर राममय दिखता है
राम नाम उच्चारण से हर ताप सदा हि मिटता है
सदा विराजें राम वहां हम पहुच लगायेगे चंदन
आंखों में आंसू,,,,,,,
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आलोक रंजन शास्त्री इन्दौर 9425069983
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