तेरा इंतजार है

हर लम्हा तेरा मुझको अब इन्तज़ार है
तुम बस गए हो दिल में मुझे तुमसे प्यार है

तनहाइयां मुझे अब सोने नहीं देती
तकती हैं जिसको आंखें जाने बहार है

बेचैन सा रहता हूं देखो न हर घड़ी
दिल पर कहां मुझे अब इख्तियार है

नासाज़ दिल कि दास्तां किसको सुनाऊं मैं
तुम खुद बता दो यार ये दिल बेकरार है

इस मेरी दिल्लगी की हक़ीक़त तो जान लो
जीता हूं बस तेरे लिए तेरा इंतज़ार है

रंजन की आशकी को ज़माना भी जानता
रोते को हंसानें की हुनर मुझमें यार है

आलोक रंजन इंदौरी

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