अपने दिल की बात बताना अच्छा लगता है।
अपने दिल की बात बताना अच्छा लगता है
सपनों में एक ख्वाब सजाना अच्छा लगता है
तेरे बारे में जब जब भी मैं लिखता हूं
धड़कन में यादों का आना अच्छा लगता है
और नहीं कुछ तुझसे कुछ भी मैं चाहूंगा
अपनें गम को और बढ़ाना अच्छा लगता है
कैसे कैसे दिन गुजरे हैं तुम बिन भी
तुम्हें हसाकर खुद रो लेना अच्छा लगता है
रंजन किसको अपना कहकर प्यार करूं
तनहा अपनी धुन में रहना अच्छा लगता है
आलोक रंजन इन्दौरवी
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